Sunday, January 2, 2022

Love Poetry

प्यार में मिलना बिछड़ना लगा रहता है,
लेकिन उस प्यार को बनाए रखना मुश्किल होता है,
प्यार में अक्सर वादे निभाए भी नही जाते है,
ओर प्यार में अक्सर लोग मरने की बात करते हैं,
अपना इगो, एटीट्यूड छोड़ नही सकते, दुनिया छोड़ने की बात करते हैं,
एक दूसरे की खुशी के लिए सब छोड़ सकते है, 
जब बात कुछ छोड़ने की आती है तो मजबूरी का नाम देकर एक दूसरे को छोड़ देते हैं,
वादे पूरे नहीं होते लेकिन झूठे एहसास बना लेते है अक्सर,
किसी एक ही खुशी के लिए कभी कभी खुद की खुशी को बेच देते हैं,
कभी समझने में गलती हो जाती हैं, जो देखता है, हर सच वही नहीं होता, 
मंदिर में एक दूसरे के लिए उसकी खुशी मंगते है और बिछड़ जाने पर रोया भी करते हैं, 
अक्सर प्यार हार जाता हैं अपने ही प्यार से ।

By:- Kshma Rastogi

#novainstituteofnursingandparamedicalscienceslucknow
#chandausibloggergirl
#nursingcollege
#nursingstudent
#kshmarastogi

मेरी बुआ पंक्ति

 मेरी ताकत हो तुम, मेरी शुभचिंतक हो तुम, मेरे जीने की वजह हो तुम, आज जो भी हो सब आपका दिया हुआ भेंट है, तुमको मैं क्या दो, जो भी है सब तुम्हारा है, मेरी बुआ तुम्हारा साथ मुझे अपने हर जनम में चाहिए, मुझे दुनिया नही मुझे सिर्फ आपका प्यार चाहिए। ❤️

By:- Kshma Rastogi🌺

#novainstituteofnursingandparamedicalscienceslucknow

#nursingcollege

#chandausibloggergirl

#kshmarastogi

#nursingstudent

Wednesday, October 13, 2021

Quotes by Kshma Rastogi

 जब दोनो का प्रेम सत्य है तो डर कैसा,

प्रेम हैं तोह बिछड़ने का डर क्यों,

जब डर है तो प्रेम कैसा,

प्रेम तो वो परिभाषा है जिसमे न खोने का डर , ना पाने की चाह , 

जो बिन शब्दो को बोले समझ जाए मन की बात,

उससे क्या छुपाना, जो छुपाना पड़े वो विश्वास कहां, 

जो गलती होने पर गलती याद रखे वो कैसा साथी,

अच्छाई छोड़ कमी जो देखे, वो साथ कैसे निभाएगा,

जब मन न मिलता एक दूसरे से, फिर उस रिश्ते में क्यों रहना ।


By :- Kshma Rastogi


#novainstituteofnursingandparamedicalsciences

#lucknow

#chandausibloggergirl 

#nursestudent

#kshmarastogi

Quotes by Kshma Rastogi

 ना जाने कितनी बातें तेरे साथ कर बैठे हम,

हम बात कर बैठे तुमसे अब उन बातों का भूलना है मुश्किल,

हमारा तुम्हारा मिलना यूं न होना लिखा था, 

हम किस्मत और नसीब से लड़ते रह गए, और तेरा मेरा बिछड़ना शुरू होगया,

ना जाने कितनी उम्र गुजारी हो तेरे बिना, 

कोई तो फरियाद रही होगी तेरे दिल मे भी, 

हर फरियाद मेरी रही हों, यह तो जरूरी नहीं,

मेरा ही साया रही हो जरूरी नहीं, कुछ तो तेरा साया भी मेरे साथ रहा,

बताना मुश्किल है, हम तुझे क्या समझ बैठे ।

By :- Kshma Rastogi




#novainstituteofnursingandparamedicalsciences

#lucknow

#chandausibloggergirl

#nursestudent




Diwali special Quotes by Kshma Rastogi

दिवाली है खुशियों का त्योहार,
इस त्यौहार की रौनक ही अलग है,
 ना जाने कितने दीप से रौनक किए घर,
इस त्यौहार  में जले दीपक खुशियों के, जलाई गई मोमबत्तियां खुशी में,
छोड़े जाते हैं पटाखे, फुलझड़ियां, चकिया, मुर्गा छाप, सीता गीता बम और और ना जाने कितने तरह-तरह की आतिशबाजी की जाती है,
दिवाली सब के दिलों में नई उमंग लाती है, खुशियों की बहार लाती है, दिलों में एक दूसरे के प्रति प्रेम दर्शाती है, यह त्यौहार बनाया जाता है, राम के अयोध्या आने की खुशी में, जिस तरह राम आए अपनी अयोध्या में, उसी तरह पधारे हमारे यहां, अपने साथ सीता मैया लक्ष्मण संग पधारो हमारे यहां, आप सब का स्वागत करने को पूरा परिवार उत्साहित, घी के दीपक जलाएं, सरसों का दीपक जलाएं, पूजा पाठ करें, आओ सब मिलकर जय श्री राम बोले ।

।।जय श्री राम ।।

By :- Kshma Rastogi
#chandausibloggergirl
#novainstituteofnursingandparamedicalsciences
#lucknow
#nursestudent
#kshmarastogi

Saturday, September 18, 2021

Kshma Poetry

यह दुनिया ऊपरी हंसी देखती है , आंखों में छिपे आंसु नही , 

यह दुनिया कड़वे बोल सुनती है , उसके पीछे मीठी बोली नही सुनती ,

कहने को हजार लोग अपने लगते हैं , जब पीछे मुड़ के देखते हैं सिर्फ अपनी परछाई ही दिखाई देती है ,

सुख में सभी आना चाहते है , दुख में सब चले जाते हैं ,

यह दुनिया एक दर्पण की तरह है, जिसमे देखो तो अपनी प्रतिछाया, ना देखो तो कोई प्रतिछाया नही ।



By :- Kshma Rastogi

#novainstituteofnursingandparamedicalscienceslucknow

#novacollegelucknow

#kshmarastogi

#chandausibloggergirl


| Kshma Poetry |

 ना हीर थी , ना कोई रांझा था ,

एक अनकही, एक अनदेखी, एक अनसुनी जोड़ी थी, 

जो मिलने से पहले ही ना जाने क्यों बिछड़ गई, 

थे दोनो प्रेम पुजारी, लेकिन नसीब को दोनो का मिलना न जाने क्यों अच्छा ना लगा,

बिछड़े दोनो जबसे गुमसुम हो बैठे, लोगों को उनका दुख समझ न आया और वो बताए भी नही । 



By:- Kshma Rastogi


#novainstituteofnursingandparamedicalscienceslucknow

#novacollegelucknow

#chandausibloggergirl

#chandausicity

#nursingstudent

Sunday, September 12, 2021

Quotes

 दिन के उजाले में नजर नही आते अपने, दिन में तो अपनी परछाई दिखाई देती हैं, रात में वो परछाई भी साथ छोड़ देती है, किस पर करे यकीन यह कहना मुश्किल है, हम करे खुद पर यकीन इतना यकीन होना चाहिए।

Friday, September 10, 2021

Love Poetry

 कैसे भूलेंगे उसको वो दिमाग में नहीं दिल में बसता है ,

उसकी हर बात में मेरा जिक्र है , मेरी हर सांस में उसका नाम है ,

वो मनमौजी सा लड़का है , मैं चंचल सी लड़की ,

हम दोनों मिले हैं उस राह पर जहां चाहा कर भी बिछड़ना मुश्किल है , 

राहें अलग जरूर है लेकिन राह अंत में मिल ही जाती है ।


By :- Kshma Rastogi

#novacollegelucknow

#chandausibloggergirl

#nursingstudent

Love Poetry

 हम समझ न पाए क्या कमी थी हमारे प्यार में, 

जो यू रिश्ता हमारा खत्म हो गया, 

हम वफादार रहे तुम्हारे, तुम भी हो जाते थोड़ा वफादार, 

हम मानते हर बात तुम्हारी, तुम भी बात मान जाते यूं दूर होने से सवालों के जवाब मिला नही करते ।

By :- Kshma Rastogi

#novacollegelucknow

#chandausibloggergirl

#nursingstudent

Love Poetry

 निकल आए उनकी गालियों से , लेकिन आज भी भटक रहे हैं उनकी यादों की गालियों में ,

दिल को समझाए है बहुत , दिल मानता नहीं अब नही साथ ,

उनकी यादों से बाहर निकलने की बहुत किए है कोशिश , लेकिन यह कोशिश कामयाब नही होती ,

मुस्कराते बहुत है लेकिन हर मुस्कुरात मुस्कान नही होती ,

होते है करीब बहुत लोग , यह दिल अकेला ही पाता है खुद को ,

ना होठों पर शिकवे ना दिल में कोई गिले ,

फिर भी दिल यूं यादों की गालियों में भटकता रहता हैं ।


By :- Kshma Rastogi

#novacollegelucknow

Thursday, September 2, 2021

Sad Poetry by Kshma Rastogi

जानोगे हमारे बीते कल के बारे में , सिर्फ गम ही पाओगे ,
गुजरे हैं किन रास्तों से , सोच ना पाओगे ,
देखें होंगे हस्ते हुए हमे , हंसने के पीछे का गम नही देखे होंगे ,
जिस दिन जानोगे बीते कल के बारे मे , तरस बहुत खाओगे ,
क्या क्या गम लिए हुए है अपने दिल में , बोझ कितना है अनुमान ना लगा पाओगे ,
बोझ कितना लिए हुए है , उसका आधा भी न संभाल पाओगे ,
हंसते हुए चेहरे के पीछे आंसु छिपाए हुए है अंदाजा न लगा पाओगे ,
जब जब खुशी के नजदीक आए, बीते कल की परछाई पड़ जाती ,
समेट कर खुशियां को , गमों से नाते जोड़े है ,
खुशी तो आई और चली गई , एक गम ही थे जिन्होंने हर कदम साथ निभाया है ,
हमारे बीते कल मे एक सबक है , जानोगे तो समझोगे ।

          By:- Kshma Rastogi

#kshmarastogi
#novacollege
#novainstituteofnursingandparamedicalscienceslucknow
#lucknowcity
#nursingcollege
#chandausibloggergirl


Sunday, August 29, 2021

Love Poetry

कुछ अधूरी तस्वीर है , जो पूरी नहीं होती ,
यह कशिश कुछ पुरानी सी है , जो बयां नहीं होती ,
यह तस्वीर अधूरी कभी पूरी नहीं होती ,
यह याद तो है लेकिन स्पष्ट नहीं होती ,
दिल मे है बहुत कुछ लेकिन बताया नही जाता ,
यह तस्वीर जो है यह अधूरे ख्वाब जैसी है ,
कतरा कतरा दिल–दिमाग में घूमती रहती , जुवां पर आती नही ,
हां थोड़ा थोड़ा याद है यह तस्वीर कोई पुरानी याद है ।

     By :- Kshma Rastogi

#novainstituteofnursingandparamedicalsciences 
#novacollegelucknow
#lucknowcity
#bloggergirl
#chandausibloggergirl
#nursestudent
#poetry


Friday, August 27, 2021

Love Poetry

 मिले थे जब हम पहली बार , तुम सबसे पहले करीब आए थे ,

तुम्हें मैं अच्छी लगती थी या नहीं , यह सिर्फ तुम ही जानते थे , 

सबसे पहले करीब तुम ही आए थे , 

तुम्हे मेरे साथ वक्त बिताना अच्छा लगता था या नहीं यह तुम ही जानते थे , 

मुझे तुम्हारे साथ वक्त बिताना पसंद था , इसलिए तुम्हे बुलाती थी ,

तुम मेरे लिए बाइक से कोसों दूर से आते थे , फिर साथ बैठा कर घुमाया भी करते थे ,

हम दोनो को साथ बाइक पर बैठ कर घूमना पसंद था ,

छोटी छोटी बातों में लड़ाइयां हुआ करती थीं , तुम बड़ी आसानी से मना लिया करते थे ,

लड़ाइयों में तुम्हारे दोस्तो का बोलना और हमारी लड़ाई शांत करवाना ,

फिर साथ मिलकर यूं रेस्तरां में एक प्लेट में खाना ,

थोड़ी हिजक तुम्हे थी , थोड़ी हिजक मुझे थी ,

शर्म से एक दूसरो  से जो बात करनी हुआ करती थीं , ना हो पाती थी ,

तुम मेरे बोलने का इंतजार करते , मैं तुम्हारे बात शुरू करने का इंतजार ,

यूं हमारी बात ना हों पाती थी , घर पहुंच कर मैसेज करते , बात क्यूं नही करते , 

तुम रूठ जाते , थोड़ा मैं रूठ जाती ,

यूं बातो ही बातो मे तुम्हारा मुझे वादा करना , कभी साथ न छोड़ने का ,

तुम्हारी बातो को सच मान , उन वादों पर यकीन करना , 

था कुछ ऐसा जो जोड़े रखता मुझे तुमसे ,

जितनी भी हो लड़ाई , रहना सिर्फ तुमसे जुड़े रहना ,


है बदल सा गया अब कुछ , यूं अब पहली जैसी बात ना रही ,

पहली हुआ करती घंटो बातें , अब नही हुआ करती बातें ,

नही रही पहली जैसी कोई बात , ना रहे पहले जैसे जज़्बात ,

अब ना रहा तुम्हारी किसी बात पर भरोसा ,

तुम कर दिए कुछ ऐसा , यह दिल होगया चूर – चूर ,

तुम मुझे पसंद करते या नही यह सिर्फ तुम जानते ,

मेरे दूर होने से मुझसे बार बार बात करने का प्रयास करते ,

तुम्हारे हिस्से मे अब मेरी चुप्पी  , मेरे हिस्से में तुमसे मिला दर्द ,

तुम दूर सही लेकिन अब सुकून है , अब तुम्हारी और मेरी लड़ाई नहीं ,

यह दिल भी समझ चुका है , अब तेरे और मेरे रास्ते है अलग ,

हां शुरूवात तुमसे हुई , और खत्म मैं कर रही ,

जानती हो बहुत गलतियां हुई , माफी मांगती सभी गलती की ,

सबसे पहले करीब तुम आए थे , देखो दूर सबसे पहले मैं जा रही हूं ,

देखो मैं अपने दिल को समझा रही हो , तुमसे मैं दूर जा रही हूं ।


           By :- Kshma Rastogi

kshmarastogi460.blogspot.com

#lovepoetry

#novainstituteofnursingandparamedicalsciences

#novacollegelucknow

#chandausibloggergirl

#lucknowcity

#nursestudent

#nursingismypassion

#bloggingforgainextraknowledge




Love Poetry

प्यार में मिलना बिछड़ना लगा रहता है, लेकिन उस प्यार को बनाए रखना मुश्किल होता है, प्यार में अक्सर वादे निभाए भी नही जाते है, ओर प्यार में अक...